Monday, April 6, 2020

मेरे मोज़ों का स्तोत्र - पाब्लो नेरुदा Ode to My Socks - Pablo Neruda - Hindi Translation

मारू मोरी मुझे लेकर आयी
एक जोड़ी
मोजे
जो उसने खुद बुने थे 
अपने बुनकर हाथों से
दो मोजे
खरगोश सरीखे नर्म

मैंने अपने पैर खिसका लिए
उन में
जैसे कि हो वें 
दो डिब्बियां
सांझ सरीखी 
और बकरी की त्वचा जैसे धागे
से बुनी हुई

जज़्बाती से मोजे,
जिनपे मेरे पैर हों
दो मछलियाँ बुनी हुई
ऊन की,
या दो लंबी शार्क
समुद्री-नीली
जुड़े हुईं
एक सुनहरे धागे से,
या फिर जैसे
दो बड़े मैना
या दो तोपें :
मेरे पैर
नवाज़े गए
इस तरह
इन
आसमानी
मोजों
से।

वो थे
बहुत सुन्दर
पहली बार
मेरे पैर मुझे लग रहे थे
नाक़ाबिल इनके
जैसे दो मद्धम
फायरमैन, फायरमैन
जो अयोग्य हों
उस बुनी हुई आग के,
उन चमकदार मोज़ों के।

फिर भी
मैंने खुद को रोके रखा 
उन्हें कहीं संभाल के रखने की
तेज़ ख्वाहिश से
जैसे स्कूली बच्चे
रखते है
जुगनुओं को,
जैसे बुद्धिजीवी
इकठ्ठा करते हैं
महान पुस्तकों को,
मैंने विरोध किया
अपने आवेग का
कि उन्हें डाल दूँ
एक सुनहरे
पिंजरे में
और हर दिन उन्हें दूँ
चिड़िया का दाना
और गुलाबी तरबूज के टुकड़े।

जंगल में गए
खोजकर्ताओं की तरह
जो जब 
किसी बहुत दुर्लभ
हरे हिरण को
आग के हवाले करते हैं
और खाते हैं उसे
शर्म के साथ,
मैंने अपने पाँव खींचे
और पहन लिए
शानदार
मोज़े
और फिर मेरे जूते।

मेरे इस गीत की
सीख है कि
खूबसूरती हो जाती है
दोगुनी खूबसूरती
और जो अच्छा है
वह दोगुना है
अच्छा
जब यह सर्दियों में
ऊन से बने  हुए
दो मोजों की बात हो। 

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अंग्रेजी से अनूदित। In Español: Ode a los Calcetines.

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